Showing posts with label Dhanbad Local. Show all posts
Showing posts with label Dhanbad Local. Show all posts
Saturday, September 22, 2012
Thursday, September 20, 2012
Thursday, August 30, 2012
एसपी ऑफिस के पास डिक्की से उड़ाये रुपये
शहर में अपराधियों का हौसला इतना बुलंद है कि अब धनबाद थाना और एसपी ऑफिस की नाक के नीचे भी अपराध करने से बाज नहीं आते. बुधवार को दिन दहा.डे डीसी और एसपी ऑफिस के बीच मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ उचक्कों ने 70 हजार रुपये निकाल लिये. लेकिन 50 हजार की गड्डी गिर गयी. बेशक वे 20 हजार रुपये लेकर भागने में सफल रहे. शोर मचाते हुए लोगों ने उनका पीछा किया, लेकिन बाइक सवार उचक्के एसपी ऑफिस के सामने से स्टेशन की ओर भाग निकले. घटना के संबंध में पीड़ित ने धनबाद थाना में एफआइआर दर्ज करायी है. पुलिस ने पीड़ित को लेकर शहर में कई स्थानों पर दबिश दी. लेकिन कुछ पता नहीं चला. शहर के सुरक्षित इलाके में इस तरह की घटना ने पुलिस सक्रियता की पोल खोल दी है.
कैसे घटी घटना : कतरास छाताबाद निवासी निरंजन कुमार बीसीसीएल में सप्लाइ करनी वाली एक निजी कंपनी एसपी डब्ल्यू वर्क्स में कार्यरत हैं. एलसी रोड हेम टावर स्थित इलाहाबाद बैंक से निरंजन ने अपनी मां के इलाज के 70 हजार रुपये निकाले. पैसे होरो होंडा बाइक की डिक्की में रख लिये. पोस्ट ऑफिस के सामने भोला चाय दुकान के आगे खैनी दुकान के बगल में उन्होंने अपनी बाइक खड़ी कर दी. पोस्ट ऑफिस में लेटर गिराने गये. पौने दो बजे का वक्त होगा. पहले से निरंजन को वाच कर रहा बाइक सवार उचक्का आया और मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ रुपये निकाल लिये. खैनी दुकानदार समेत अन्य जब तक समझ पाते तब तक बाइक सवार उचक्का आगे बढ. गया. डिक्की से रुपये निकालते वक्त 50 हजार रुपये की गड्डी गिर गयी. लोग आवाज देकर कहने लगे कि पैसा गिर गया है. बाइकर्स को पक.डे जाने का भय था. वह पीछे नहीं लौटा. इसी बीच निरंजन भी आ पहुंचे, अपनी डिक्की टूटी देख शोर मचाने लगे. बाइकर्स का पीछा करने की भी कोशिश की गयी लेकिन पता नहीं चला. सूचना पाकर डीएसपी संजय रंजन सिंह, धनबाद थानेदार विजयकांत सिंह, एसआइ तालो सोरेन, घनश्याम साहू मौके पर पहुंचे. खैनी, दुकानदार समेत अन्य से घटना, बाइकर्स के हुलिया के बारे में जानकारी ली गयी. यह शहर का सबसे सुरक्षित व व्यस्त इलाका है. डीसी ऑफिस भी पास है. ट्रैफिक जवान सड़क पर तैनात रहते हैं.वरीय संवाददातात्नधनबाद
शहर में अपराधियों का हौसला इतना बुलंद है कि अब धनबाद थाना और एसपी ऑफिस की नाक के नीचे भी अपराध करने से बाज नहीं आते. बुधवार को दिन दहा.डे डीसी और एसपी ऑफिस के बीच मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ उचक्कों ने 70 हजार रुपये निकाल लिये. लेकिन 50 हजार की गड्डी गिर गयी. बेशक वे 20 हजार रुपये लेकर भागने में सफल रहे. शोर मचाते हुए लोगों ने उनका पीछा किया, लेकिन बाइक सवार उचक्के एसपी ऑफिस के सामने से स्टेशन की ओर भाग निकले. घटना के संबंध में पीड़ित ने धनबाद थाना में एफआइआर दर्ज करायी है. पुलिस ने पीड़ित को लेकर शहर में कई स्थानों पर दबिश दी. लेकिन कुछ पता नहीं चला. शहर के सुरक्षित इलाके में इस तरह की घटना ने पुलिस सक्रियता की पोल खोल दी है.
कैसे घटी घटना : कतरास छाताबाद निवासी निरंजन कुमार बीसीसीएल में सप्लाइ करनी वाली एक निजी कंपनी एसपी डब्ल्यू वर्क्स में कार्यरत हैं. एलसी रोड हेम टावर स्थित इलाहाबाद बैंक से निरंजन ने अपनी मां के इलाज के 70 हजार रुपये निकाले. पैसे होरो होंडा बाइक की डिक्की में रख लिये. पोस्ट ऑफिस के सामने भोला चाय दुकान के आगे खैनी दुकान के बगल में उन्होंने अपनी बाइक खड़ी कर दी. पोस्ट ऑफिस में लेटर गिराने गये. पौने दो बजे का वक्त होगा. पहले से निरंजन को वाच कर रहा बाइक सवार उचक्का आया और मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ रुपये निकाल लिये. खैनी दुकानदार समेत अन्य जब तक समझ पाते तब तक बाइक सवार उचक्का आगे बढ. गया. डिक्की से रुपये निकालते वक्त 50 हजार रुपये की गड्डी गिर गयी. लोग आवाज देकर कहने लगे कि पैसा गिर गया है. बाइकर्स को पक.डे जाने का भय था. वह पीछे नहीं लौटा. इसी बीच निरंजन भी आ पहुंचे, अपनी डिक्की टूटी देख शोर मचाने लगे. बाइकर्स का पीछा करने की भी कोशिश की गयी लेकिन पता नहीं चला. सूचना पाकर डीएसपी संजय रंजन सिंह, धनबाद थानेदार विजयकांत सिंह, एसआइ तालो सोरेन, घनश्याम साहू मौके पर पहुंचे. खैनी, दुकानदार समेत अन्य से घटना, बाइकर्स के हुलिया के बारे में जानकारी ली गयी. यह शहर का सबसे सुरक्षित व व्यस्त इलाका है. डीसी ऑफिस भी पास है. ट्रैफिक जवान सड़क पर तैनात रहते हैं.
कैसे घटी घटना : कतरास छाताबाद निवासी निरंजन कुमार बीसीसीएल में सप्लाइ करनी वाली एक निजी कंपनी एसपी डब्ल्यू वर्क्स में कार्यरत हैं. एलसी रोड हेम टावर स्थित इलाहाबाद बैंक से निरंजन ने अपनी मां के इलाज के 70 हजार रुपये निकाले. पैसे होरो होंडा बाइक की डिक्की में रख लिये. पोस्ट ऑफिस के सामने भोला चाय दुकान के आगे खैनी दुकान के बगल में उन्होंने अपनी बाइक खड़ी कर दी. पोस्ट ऑफिस में लेटर गिराने गये. पौने दो बजे का वक्त होगा. पहले से निरंजन को वाच कर रहा बाइक सवार उचक्का आया और मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ रुपये निकाल लिये. खैनी दुकानदार समेत अन्य जब तक समझ पाते तब तक बाइक सवार उचक्का आगे बढ. गया. डिक्की से रुपये निकालते वक्त 50 हजार रुपये की गड्डी गिर गयी. लोग आवाज देकर कहने लगे कि पैसा गिर गया है. बाइकर्स को पक.डे जाने का भय था. वह पीछे नहीं लौटा. इसी बीच निरंजन भी आ पहुंचे, अपनी डिक्की टूटी देख शोर मचाने लगे. बाइकर्स का पीछा करने की भी कोशिश की गयी लेकिन पता नहीं चला. सूचना पाकर डीएसपी संजय रंजन सिंह, धनबाद थानेदार विजयकांत सिंह, एसआइ तालो सोरेन, घनश्याम साहू मौके पर पहुंचे. खैनी, दुकानदार समेत अन्य से घटना, बाइकर्स के हुलिया के बारे में जानकारी ली गयी. यह शहर का सबसे सुरक्षित व व्यस्त इलाका है. डीसी ऑफिस भी पास है. ट्रैफिक जवान सड़क पर तैनात रहते हैं.वरीय संवाददातात्नधनबाद
शहर में अपराधियों का हौसला इतना बुलंद है कि अब धनबाद थाना और एसपी ऑफिस की नाक के नीचे भी अपराध करने से बाज नहीं आते. बुधवार को दिन दहा.डे डीसी और एसपी ऑफिस के बीच मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ उचक्कों ने 70 हजार रुपये निकाल लिये. लेकिन 50 हजार की गड्डी गिर गयी. बेशक वे 20 हजार रुपये लेकर भागने में सफल रहे. शोर मचाते हुए लोगों ने उनका पीछा किया, लेकिन बाइक सवार उचक्के एसपी ऑफिस के सामने से स्टेशन की ओर भाग निकले. घटना के संबंध में पीड़ित ने धनबाद थाना में एफआइआर दर्ज करायी है. पुलिस ने पीड़ित को लेकर शहर में कई स्थानों पर दबिश दी. लेकिन कुछ पता नहीं चला. शहर के सुरक्षित इलाके में इस तरह की घटना ने पुलिस सक्रियता की पोल खोल दी है.
कैसे घटी घटना : कतरास छाताबाद निवासी निरंजन कुमार बीसीसीएल में सप्लाइ करनी वाली एक निजी कंपनी एसपी डब्ल्यू वर्क्स में कार्यरत हैं. एलसी रोड हेम टावर स्थित इलाहाबाद बैंक से निरंजन ने अपनी मां के इलाज के 70 हजार रुपये निकाले. पैसे होरो होंडा बाइक की डिक्की में रख लिये. पोस्ट ऑफिस के सामने भोला चाय दुकान के आगे खैनी दुकान के बगल में उन्होंने अपनी बाइक खड़ी कर दी. पोस्ट ऑफिस में लेटर गिराने गये. पौने दो बजे का वक्त होगा. पहले से निरंजन को वाच कर रहा बाइक सवार उचक्का आया और मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़ रुपये निकाल लिये. खैनी दुकानदार समेत अन्य जब तक समझ पाते तब तक बाइक सवार उचक्का आगे बढ. गया. डिक्की से रुपये निकालते वक्त 50 हजार रुपये की गड्डी गिर गयी. लोग आवाज देकर कहने लगे कि पैसा गिर गया है. बाइकर्स को पक.डे जाने का भय था. वह पीछे नहीं लौटा. इसी बीच निरंजन भी आ पहुंचे, अपनी डिक्की टूटी देख शोर मचाने लगे. बाइकर्स का पीछा करने की भी कोशिश की गयी लेकिन पता नहीं चला. सूचना पाकर डीएसपी संजय रंजन सिंह, धनबाद थानेदार विजयकांत सिंह, एसआइ तालो सोरेन, घनश्याम साहू मौके पर पहुंचे. खैनी, दुकानदार समेत अन्य से घटना, बाइकर्स के हुलिया के बारे में जानकारी ली गयी. यह शहर का सबसे सुरक्षित व व्यस्त इलाका है. डीसी ऑफिस भी पास है. ट्रैफिक जवान सड़क पर तैनात रहते हैं.
अपनी नौकरी भाई को देना चाहती है सोनाली
धनबाद : नौकरी दिये जाने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए तेजाब हमले की शिकार सोनाली मुखर्जी ने मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को साधुवाद दिया है। लेकिन, सोनाली नौकरी नहीं करेगी। वह चाहती है कि झारखंड सरकार उसके भाई देवाशीष मुखर्जी को नौकरी दे। तेजाब हमले में 70 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी सोनाली मुखर्जी ने गत दिनों मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा से मिलकर न्याय और मदद की फरियाद की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सोनाली को नौकरी देने की घोषणा की थी। इसके बाद राज्य सरकार नौकरी देने के लिए कवायद कर रही है। फिलहाल सोनाली नई दिल्ली के बीएल कपूर अस्पताल में भर्ती है। 27 अगस्त को उसके चेहरे की सर्जरी हुई है। चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी होने की प्रक्रिया पूरी होने में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। जब तक उसका इलाज नहीं हो जाता तब तक नौकरी करना उसके लिए संभव नहीं है। तेजाब हमले में उसकी आंख की रोशनी भी चली गई है। शरीर काफी कमजोर हो गया है। नौकरी के दौरान लगातार आठ घंटे बैठकर समय देना उसके लिए संभव नहीं है। इलाज के दौरान सोनाली के साथ एक आदमी को हमेशा रहना पड़ता है। इस कारण उसके पिता चंडीदास मुखर्जी साथ रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए सोनाली चाहती है कि नौकरी उसके भाई को मिले। भाई को नौकरी मिलने से उसे और उसके परिवार को मदद मिल सकेगी। इसके लिए सोनाली की ओर से जल्द ही धनबाद के उपायुक्त के माध्यम ये मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जायेगा।
पारा शिक्षकों की हड़ताल से चरमराई शिक्षा व्यवस्था
रांची : पारा शिक्षकों की हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी 19,126 उत्क्रमित स्कूलों में बच्चों का पठन-पाठन ठप रहा। हड़ताल से मिड डे मील कार्यक्रम भी पूरी तरह बाधित रहा। जिलों से मिली सूचना के अनुसार पारा शिक्षकों के दोनों गुटों की हड़ताल पूरी तरह सफल रही। पारा शिक्षक कुछ स्कूलों को जबरन बंद कराते भी दिखे। विनोद तिवारी की अध्यक्षता में झारखंड सहयोगी शिक्षा मित्र पारा शिक्षक संघ की बुधवार को हुई बैठक में आंदोलन को और धारदार बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पारा शिक्षक मुख्यमंत्री समेत शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री का पुतला दहन करेंगे। डीएसई, बीईईओ, बीपीओ, बीआरपी-सीआरपी को ज्ञापन सौंपकर समर्थन देने की मांग करने का भी निर्णय लिया गया। इधर प्राथमिक शिक्षा निदेशक ममता ने सभी डीएसई को उन स्कूलों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने को कहा है, जहां सिर्फ पारा शिक्षक कार्यरत हैं। प्रतिदिन की रिपोर्ट भी मांगी गई है। उपायुक्तों को पत्र भेजकर जबरन स्कूल बंद करानेवालों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। पहली सितंबर से 34 हजार शिक्षा मित्र भी हड़ताल पर जागरण ब्यूरो, रांची : पारा शिक्षकों की हड़ताल के बाद झारखंड शिक्षा मित्र संघ के आ ान पर राज्य के 17 हजार शिक्षा मित्रों और इतने ही सहयोगी शिक्षकों ने भी एक सितंबर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। स्थाईकरण और बारह हजार रुपये मानदेय की मांग को लेकर शिक्षा मित्रों ने यह निर्णय लिया है। शिक्षा मित्र एक सितंबर को विधानसभा के समक्ष अनशन पर बैठेंगे। उल्लेखनीय है कि अभियान विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय में उत्क्रमित किए गए स्कूलों में बच्चों के पठन-पाठन की जिम्मेदारी शिक्षा मित्र और सहयोगी शिक्षक संभालते हैं। संघ के अध्यक्ष बृजमोहन पाठक ने कहा है कि सरकार द्वारा उन्हें दिया जा रहा मानदेय काफी कम है।
30 घंटे बाद मिला माइंस इंचार्ज का शव
बेरमो ▪ढोरी खास चार, पांच व छह नंबर इंकलाइन में दुर्घटना के करीब 30 घंटे के बाद कर्मियों ने पानी में डूबे माइंस इंचार्ज पीके सिंह का शव खोज निकाला. शव कोयला के नीचे मलबा में दबा हुआ था. बुधवार रात 8.30 बजे इंकलाइन के 20 कर्मियों की टोली ने शव को खोज निकाला. शव निकलते ही वहां लोगों की भीड़ जुट गयी. बुधवार को दिन भर माइंस में रेस्क्यू ऑपरेशन चला, पर कोई सफलता नहीं मिली. सीसीएल द्वारा मुंबई व विशाखापत्तनम से बुलाये गये गोताखार नहीं पहुंचे. रामगढ., कोडरमा व कथारा की रेस्क्यू टीम भी यहां नाकारा साबित हुई.
प्रश्न पत्र लीक, रद्द हो सकती है परीक्षा
दुमका उपायुक्त से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की जायेगी. मामला सही पाया गया, तो जीव विज्ञान की परीक्षा रद्द की जायेगी. झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवेदन जमा करनेवाले विद्यार्थियों के साथ जीव विज्ञान की परीक्षा फिर से ली जा सकती है.
लक्ष्मी सिंह, जैक अध्यक्ष
कार्रवाई के लिए जैक को कहा गया है. मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. मामला सही पाये जाने पर संबंधित विषय की परीक्षा रद्द करने को कहा गया है.
बैद्यनाथ राम, शिक्षा मंत्री
दुमका उपायुक्त से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की जायेगी. मामला सही पाया गया, तो जीव विज्ञान की परीक्षा रद्द की जायेगी. झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवेदन जमा करनेवाले विद्यार्थियों के साथ जीव विज्ञान की परीक्षा फिर से ली जा सकती है.
लक्ष्मी सिंह, जैक अध्यक्षकार्रवाई के लिए जैक को कहा गया है. मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. मामला सही पाये जाने पर संबंधित विषय की परीक्षा रद्द करने को कहा गया है.
बैद्यनाथ राम, शिक्षा मंत्रीप्रप्रभात खबर ने 29 के अंक में छापी थी खबरआसनसोल से लाया गया था : परीक्षा से एक दिन पहले मंगलवार को दुमका में सभी विषयों के प्रश्न पत्र बाजार में होने की चर्चा थी. इन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल से लाया गया था. कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के बाद पैसे देने की शर्त पर प्रश्न पत्र की छाया प्रति प्राप्त करने के लिए अपने प्रमाण पत्रों को गिरवी रखा था.जीव विज्ञान के सारे सवाल क्रमवार समान पाये गये
जैक ने कहा, डीसी की रिपोर्ट के बाद लिया जायेगा निर्णय
उपायुक्त ने जैक अध्यक्ष को फोन पर पूरी जानकारी दीसामान्य ज्ञान के कई सवाल बाजार में बिक रही प्रश्न पत्र की छाया प्रति में भी थेपरीक्षा का आयोजन जैक करता है. हमने जैक अध्यक्ष को इसकी जानकारी दे दी है. प्रश्न पत्र दुमका से लीक हुआ है, ऐसा नहीं लगता. प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते समय सभी पैकेट सील थे. हर्ष मंगला, उपायुक्त,
अपग्रेड उा विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बुधवार को हुई परीक्षा रद्द हो सकती है. परीक्षा से एक दिन पूर्व मंगलवार को प्रश्न पत्र की छाया प्रति दुमका में खुलेआम बिक रही थी. प्रप्रभात खबर ने इससे संबंधित खबर भी प्रकाशित की थी. दुमका में अभ्यर्थियों ने सामान्य ज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न पत्र की छाया प्रति 50-50 हजार रुपये तक में खरीदी थी. कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के बाद पैसे देने की शर्त पर अपने प्रमाण पत्र गिरवी रख कर प्रश्न पत्र लिये थे. हालांकि दावा किया जा रहा है कि सभी विषयों के प्रश्न पत्र बिक रहे थे.
डीसी ने किया मिलान
बुधवार को हुई प्रथम पाली की परीक्षा के बाद दुमका के उपायुक्त हर्ष मंगला ने सामान्य ज्ञान के प्रश्न पत्र का मिलान बाजार में बिकी छाया प्रति से किया. इसमें कई प्रश्न क्रमवार एक समान पाये गये. इसके बाद उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी श्याम नारायण राम और एएसपी शैलेंद्र कुमार सिन्हा को द्वितीय पाली में आयोजित जीव विज्ञान की परीक्षा के प्रश्न पत्र का मिलान करने परीक्षा केंद्रों पर भेजा. जांच के क्रम में पाया गया कि जीव विज्ञान में पूछे गये सारे सवाल बाजार में बिकी प्रश्न पत्र की छाया प्रति से क्रमवार हू-ब-हू पाये गये. दोनों विषयों के प्रश्न पत्र के लीक होने की पुष्टि के बाद उपायुक्त ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी सिंह से फोन पर बात की. उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया. देर शाम इसकी रिपोर्ट जैक को भेज दी गयी.
लक्ष्मी सिंह, जैक अध्यक्ष
कार्रवाई के लिए जैक को कहा गया है. मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. मामला सही पाये जाने पर संबंधित विषय की परीक्षा रद्द करने को कहा गया है.
बैद्यनाथ राम, शिक्षा मंत्री
दुमका उपायुक्त से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की जायेगी. मामला सही पाया गया, तो जीव विज्ञान की परीक्षा रद्द की जायेगी. झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवेदन जमा करनेवाले विद्यार्थियों के साथ जीव विज्ञान की परीक्षा फिर से ली जा सकती है.
लक्ष्मी सिंह, जैक अध्यक्षकार्रवाई के लिए जैक को कहा गया है. मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. मामला सही पाये जाने पर संबंधित विषय की परीक्षा रद्द करने को कहा गया है.
बैद्यनाथ राम, शिक्षा मंत्रीप्रप्रभात खबर ने 29 के अंक में छापी थी खबरआसनसोल से लाया गया था : परीक्षा से एक दिन पहले मंगलवार को दुमका में सभी विषयों के प्रश्न पत्र बाजार में होने की चर्चा थी. इन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल से लाया गया था. कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के बाद पैसे देने की शर्त पर प्रश्न पत्र की छाया प्रति प्राप्त करने के लिए अपने प्रमाण पत्रों को गिरवी रखा था.जीव विज्ञान के सारे सवाल क्रमवार समान पाये गये
जैक ने कहा, डीसी की रिपोर्ट के बाद लिया जायेगा निर्णय
उपायुक्त ने जैक अध्यक्ष को फोन पर पूरी जानकारी दीसामान्य ज्ञान के कई सवाल बाजार में बिक रही प्रश्न पत्र की छाया प्रति में भी थेपरीक्षा का आयोजन जैक करता है. हमने जैक अध्यक्ष को इसकी जानकारी दे दी है. प्रश्न पत्र दुमका से लीक हुआ है, ऐसा नहीं लगता. प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते समय सभी पैकेट सील थे. हर्ष मंगला, उपायुक्त,
अपग्रेड उा विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बुधवार को हुई परीक्षा रद्द हो सकती है. परीक्षा से एक दिन पूर्व मंगलवार को प्रश्न पत्र की छाया प्रति दुमका में खुलेआम बिक रही थी. प्रप्रभात खबर ने इससे संबंधित खबर भी प्रकाशित की थी. दुमका में अभ्यर्थियों ने सामान्य ज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न पत्र की छाया प्रति 50-50 हजार रुपये तक में खरीदी थी. कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के बाद पैसे देने की शर्त पर अपने प्रमाण पत्र गिरवी रख कर प्रश्न पत्र लिये थे. हालांकि दावा किया जा रहा है कि सभी विषयों के प्रश्न पत्र बिक रहे थे.
डीसी ने किया मिलान
बुधवार को हुई प्रथम पाली की परीक्षा के बाद दुमका के उपायुक्त हर्ष मंगला ने सामान्य ज्ञान के प्रश्न पत्र का मिलान बाजार में बिकी छाया प्रति से किया. इसमें कई प्रश्न क्रमवार एक समान पाये गये. इसके बाद उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी श्याम नारायण राम और एएसपी शैलेंद्र कुमार सिन्हा को द्वितीय पाली में आयोजित जीव विज्ञान की परीक्षा के प्रश्न पत्र का मिलान करने परीक्षा केंद्रों पर भेजा. जांच के क्रम में पाया गया कि जीव विज्ञान में पूछे गये सारे सवाल बाजार में बिकी प्रश्न पत्र की छाया प्रति से क्रमवार हू-ब-हू पाये गये. दोनों विषयों के प्रश्न पत्र के लीक होने की पुष्टि के बाद उपायुक्त ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी सिंह से फोन पर बात की. उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया. देर शाम इसकी रिपोर्ट जैक को भेज दी गयी.
Saturday, August 11, 2012
आइएसएम ने उपायुक्त कार्यालय को भेजा नक्शा
धनबाद : आइएसएम ने विस्तारीकरण की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। संस्थान ने धैया मौजा का नक्शा तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दिया है। संबंधित क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रबंधन से मुलाकात कर जमीन देने की बात कही है, लेकिन जमीन कहां दी जाएगी इसका फैसला जिला प्रशासन को करना है। विकास के लिए विस्तारीकरण जरूरी : संस्थान के विकास के लिए इसका विस्तारीकरण जरूरी है। इसके पास अब जमीन नहीं बची है। 67 करोड़ की लागत से संस्थान की ओर से सेंट्रल रिसर्च सेंटर बनाया जाना है। इसके अलावा दो सौ कमरे का महिला छात्रावास और कई महत्वपूर्ण विभागों का विस्तार किया जाना है। इसलिए राज्य सरकार की ओर से जो जमीन मिली है उसका अधिग्रहण जरूरी है। आइएसएम कुलसचिव कर्नल एमके सिंह ने कहा कि जमीन अधिग्रहण को लेकर उपायुक्त कार्यालय से संस्थान का पत्र प्राप्त हुआ था जिसमें जमीन का नक्शा बनाकर देने को कहा गया था। उसी पत्र के आधार पर नक्शा दिया गया है।
तो होगा दो हजार करोड़ का नुकसान
धनबाद झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार यानी माडा का धनबाद नगर निगम में विलय हो चुका है। अब समायोजन की तैयारी चल रही है। इसके लिए अपर जिला समाहर्ता की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है जो विभिन्न पहलुओं की जांच कर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। तब समायोजन को अमली जामा पहनाया जाएगा। इससे माडा की परिसम्पत्ति, देनदारी और कोर्ट केस निगम को चला जाएगा। उसपर पहले से दर्जनों कोर्ट केस लदे हुए हैं। ऐसे में माडा के लंबित कोर्ट केस को हैंडल करना आसान नहीं होगा, खासकर लैंड यूज टैक्स (भूमि उपयोग कर) और बाजार शुल्क को। जानकारों के मुताबिक दोनों केस माडा एक्ट अनुसार लड़े जा रहे हैं। निगम में समायोजन के बाद माडा एक्ट खत्म हो जाएगा। तब हाईकोर्ट में बाजार शुल्क और सुप्रीम कोर्ट में भूमि उपयोग कर का पक्ष कमजोर हो जाएगा। वैसी परिस्थिति में दोनों मामला संबंधित संस्थान व राज्य सरकार के हाथ से निकल जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो डेढ़ हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा। अभी भूमि उपयोग कर से 1252 करोड़ और बाजार फीस से सिर्फ बीसीसीएल से 214 करोड़ रुपया मिल रहा है। अन्य कंपनियों की राशि जोड़ने पर आंकड़ा दो हजार करोड़ से पार जा सकता है। इसमें 40 फीसद राशि सरकार और 60 फीसद राशि माडा को मिलनी है। केस अटकने की हालत में संबंधित संस्थान को तो नुकसान होगा ही, राज्य सरकार को भी करीब 800 करोड़ रुपये की हानि होगी।
बार काउंसिल धनबाद पर आज लेगी फैसला
धनबाद : झारखंड के सबसे बड़े बार एसोसिएशन धनबाद के लिए शनिवार का दिन काफी महत्वपूर्ण होगा। कारण शनिवार को झारखंड बार काउंसिल यह फैसला लेगी कि सिर्फ तीन पदों अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष के लिए ही चुनाव होगा या फिर पूरी कमेटी के लिए। काउंसिल के अध्यक्ष राजीव रंजन की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। कांउसिल के सभी सदस्यों की उपस्थिति में धनबाद पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वैसे धनबाद के पर्यवेक्षक बालेश्र्वर सिंह बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे क्योंकि वे झारखंड से बाहर हैं। न सिर्फ धनबाद बल्कि पूरे झारखंड के वकीलों की नजर कल की बैठक पर है क्योंकि राज्य में पहली बार किसी बार के समक्ष ऐसी विकट स्थिति पैदा हुई है। विवाद सुलझाने के लिए चेयरमैन राजीव रंजन को जंबो टीम के साथ धनबाद आना पड़ा था फिर भी हल नहीं निकला। नतीजा पूरी काउंसिल की बैठक बुलाई गयी है। एल्डर कमेटी को भी इंतजार : एल्डर कमेटी भी कल की बैठक का इंतजार कर रही है। कमेटी के सदस्य शिव पूजन सिंह ने बताया कि कमेटी 31 अगस्त को अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष का चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। लेकिन बहुत कुछ कल की बैठक पर निर्भर करेगा। यदि पूरी कमेटी का चुनाव कराने का निर्णय लिया गया तो मतदान की तिथि आगे बढ़ानी होगी। वैसे मतदाता सूची का प्रकाशन 14 अगस्त को कर दिया जाएगा।
पीक आवर में बिजली के दर्शन दुर्लभ
धनबाद : शहर के लोगों ने बिजली संकट झेलते गर्मी तो जैसे-तैसे काट दी लेकिन बरसात के इस मौसम में भी स्थिति में बहुत सुधार नहीं है। अब भी शहर के लोगों को जबरदस्त बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। खासकर शहर में पीक ऑवर में तो अब भी बिजली के दर्शन दुर्लभ ही हैं। शाम छह से लेकर रात के 11 बजे के पांच घंटे के अंतराल में अक्सर करीब तीन घंटे बिजली गुल रह रही है। यह समय हर उपभोक्ता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। व्यापार तो इस समय उफान पर होता ही है, घरों में भी लोगों को कई जरूरी काम होते हैं। बच्चों की पढ़ाई का भी यही सबसे कीमती समय होता है पर इस महत्वपूर्ण समय में भी बिजली लोगों का साथ नहीं दे रही है। कुछ दिन पूर्व डीवीसी का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण लोडशेडिंग की बात कही जा रही थी पर अब ट्रांसफार्मर बनकर चालू भी हो गया है पर संकट दूर नहीं हुआ है। लोडशेडिंग नहीं करने पर और होगा संकट : पीक ऑवर में लोडशेडिंग को लेकर डीवीसी के अपने ही तर्क हैं। डीवीसी के कुछ अधिकारियों का कहना है कि बरसात के इस मौसम में लोडशेडिंग सतर्कता के लिए जरूरी है। प्रत्येक दिन मौसम खराब हो रहा है। बिजली कड़क रही है और तेज बारिश हो रही है। ऐसी स्थिति में यदि आपूर्ति चालू रही तो पूरी लाइन ही बाधित हो जाएगी। तब लोगों को और मुसीबत होगी। सुधार के ब्लूप्रिंट के साथ आज मिलेगा चैंबर : शहर में बदहाल बिजली आपूर्ति से खफा जिला चैंबर ने शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया है। चैंबर के पदाधिकारी शनिवार को जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में यह ब्लूप्रिंट बिजली बोर्ड के महाप्रबंधक को सौंपेंगे और उनसे बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग करेंगे।
अब रविवार को रात 8 बजे तक रेल आरक्षण
धनबाद : अब रेलवे अपने यात्रियों के लिए एक और नई सुविधा बहाल करने जा रही है। अब रविवार को भी रात 8 बजे तक रेल आरक्षण सेवा बहाल होगी। पूर्व मध्य रेल से जारी अधिसूचना के अनुसार रविवार 12 अगस्त से यह सुविधा शुरू होगी। इस योजना को धनबाद सहित पूर्व मध्य रेल के 14 रेलवे स्टेशनों पर मंजूरी दी गई है। सप्ताह के बाकी छह दिनों में रात्रि 10 बजे तक रेल आरक्षण सेवा पहले की तरह जारी रहेगी।
जलने से बची राजधानी
रांची : पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और जिम्मेदार नागरिकों की सूझबूझ ने राजधानी रांची को सांप्रदायिकता की आग में जलने से बचा लिया। म्यांमार और असम में हुई हिंसा का विरोध करने के नाम पर असामाजिक तत्वों ने शुक्रवार को शहर में बवाल मचाने की चेष्टा की पर समय रहते इस पर काबू पा लिया गया। दोनों समुदायों के शांतिप्रिय लोगों ने मोर्चा संभालकर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इस दौरान उपद्रवियों ने मेन रोड, डेलीमार्केट व चर्च रोड की दर्जनभर दुकानों में लूटपाट व तोड़फोड़ की, कई वाहनों के शीशे भी तोड़े डाले व सड़क पर आने-जानेवाले लोगों से दुर्व्यवहार किया। महिलाएं व बच्चे भी भी उनके शिकार बने। देखते ही देखते दहशत से मेन रोड व आसपास की दुकानों के शटर गिर गए। इस घटना से शहर में तनाव बरकरार है और हर संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। मौके पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह ने इस घटना के लिए पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने के बाद शहर के लोगों से अपनी-अपनी दुकानें खोलने की अपील की। ऐसे हुई घटना : असम-म्यांमार में हिंसा के विरोध में मुस्लिम लोगों ने शुक्रवार को राजभवन मार्च की योजना बनाई थी। इस समाज के बुद्धिजीवियों को अंदेशा था कि इससे तनाव फैल सकता है, अत: मस्जिद से राजभवन मार्च की योजना स्थगित करने का एलान करवा दिया गया। बावजूद इसके, शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दिन के करीब दो बजे सैकड़ों की संख्या में भीड़ ओवर ब्रिज, सुजाता चौक, सैनिक मार्केट, एकरा मस्जिद होकर मेन रोड की ओर बढ़ने लगी। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायरलेस व टेट्रा पर पुलिस ने मैसेज प्रसारित कर दिया कि भीड़ उग्र हो गई है, नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स की तत्काल जरूरत है। देखते ही देखते सिटी कंट्रोल से दो बस क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम), महिला व पुरुष जवान, सभी थानों की पुलिस अलबर्ट एक्का चौक की ओर दौड़ पड़ी। पुलिस ने भीड़ को अलबर्ट एक्का चौक पर ही रोक दिया। इस बीच तरह-तरह की अफवाह फैलती रही जिससे दूसरे पक्ष के लोग भी जमा हो गए। मौके पर सिटी एसपी विपुल शुक्ला व सदर एसडीएम शेखर जमुआर भी पहुंच गए। दोनों समुदाय में भिड़ंत की नौबत देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा इससे तत्काल भीड़ छंट गई। पुलिस के बल प्रयोग के बाद जुलूस में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने लूटपाट शुरू कर दी व चर्च रोड की दुकानों को निशाना बनाया। इस घटना से दोनों समुदाय आहत थे और आक्रोशित भी। इसके बाद दोनों समुदाय एक साथ काली मंदिर चौक पहुंचे और काली मंदिर चौराहे को जाम कर दिया। उनकी मांग थी कि आरोपियों को पकउ़ा जाए।
बिहार में कमाल, झारखंड बेहाल
धनबाद झारखंड की राजनीति में हाशिये पर पहुंच चुके जनता दल (यूनाइटेड) को पटरी पर लाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व गंभीर दिख रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव संगठन को मजबूत कर जनाधार बढ़ाने की गरज से पार्टी के नेताओं और प्रमुख कार्यकर्ताओं को शनिवार को मैथन में राजनीतिक घुट्टी पिलाएंगे। अलग झारखंड राज्य बनने के बाद पहली बार 11-12 अगस्त को जदयू का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मैथन में होने जा रहा है। खोयी राजनीतिक जमीन पर दोबारा दखल जदयू के लिए आसान नहीं है। प्रशिक्षण के साथ ही जदयू नेतृत्व संकट का हल निकालने की भी कवायद होगी। बीते 12 साल के राजनीतिक सफर में सबसे ज्यादा नुकसान जदयू को हुआ है। 2000 में जदयू के आठ विधायक थे। 2005 के विधानसभा चुनाव में घटकर छह हो गए। 2009 में चुनाव हुआ तो विधायकों की संख्या दो पर सिमट गयी। जो दो विधायक चुने गए उनमें से सुधा चौधरी की जीत का श्रेय जदयू को जाता है। तमाड़ से चुनाव जीतने वाले गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर जो राज्य के उत्पाद मंत्री हैं, की जीत का श्रेय जदयू को नहीं दिया जा सकता। जदयू में शामिल होने से पहले राजा पीटर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को पराजित कर तमाम राजनीतिक दलों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। वर्तमान में झारखंड जदयू का सबसे बड़ा संकट नेतृत्व को लेकर है। प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो के क्रियाकलाप से ज्यादातर प्रमुख नेता संतुष्ट नहीं है। संगठन चुनाव में मनमानी को लेकर धनबाद समेत कई जिलों में पार्टी स्पष्ट रूप से विभाजित है। मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संज्ञान में भी है। निपटारे के लिए उन्होंने 7 जुलाई को पटना में पंचायती भी की। उनके निर्देश पर झारखंड में राजनीतिक व सांगठनिक निर्णय लेने के लिए एक संचालन समिति बनायी गयी है। समिति में- प्रदेश खीरू महतो, मंत्री राजा पीटर, विधायक सुधा चौधरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो, लालचंद महतो, दशरथ सिंह, कामता प्रसाद सिंह, रामचंद्र केशरी हैं।
Subscribe to:
Posts (Atom)
<iframe style="width:120px;height:240px;" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no" frameb...
-
झरिया : झरिया कोयला मंडी में आज कोयले के भाव निम्न प्रकार रहे। 1. कोयला (स्टीम) - 6500-7200 रुपये प्रतिटन 2. कोयला (स्लैग)- 4000-4500 रुपये ...
-
विम्बलडन. वल्र्ड नंबर वन नोवाक जोकोविच को हराकर रोजर फेडरर फाइनल में, चार सेटों में जीता मुकाबला लंदन . भारत के लिएंडर पेस और रूस की एलेना व...
-
<iframe style="width:120px;height:240px;" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no" frameb...