Friday, July 27, 2012

घाटकुरी मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड में पश्चिम सिंहभूम के घाटकुरी की पंाच लौह अयस्क खदानों का पट्टा देने की अनुशंसा रद करने पर अपनी मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए छह खनन कंपनियों की याचिकाएं बुधवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आरएम लोधा व न्यायमूर्ति एचएल गोखले की पीठ ने झारखंड हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड, आधुनिक एलॉय एंड पावर लिमिटेड, अभिजीत इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इस्पात इंडस्ट्रीज लिमिटेड, झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड तथा प्रकाश इस्पात लिमिटेड की याचिकाएं खारिज कर दीं। देश की शीर्षस्थ अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। मामले में अर्जुन मुंडा की तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2004 में उपरोक्त कंपनियों को घाटकुरी खनन क्षेत्र में लौह अयस्क का खनन पट्टा देने की अनुशंसा की थी। उस समय मधु कोड़ा खनन मंत्री हुआ करते थे। बाद में वह अनुशंसा वापस ले ली गई थी। इसी को कंपनियों ने झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां याचिकाएं खारिज हो गई। इसके बाद कंपनियां सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं।

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