Wednesday, July 4, 2012

चेन्नई में बंधक बने डेढ़ दर्जन मजदूर घर लौटे

धनबाद : कोयलांचल में मानव तस्करों का गिरोह सक्रिय है जिसके दलाल गांवों में फैले हुए हैं। वे ग्रामीण मजदूरों को काम का झांसा देकर दक्षिण भारत ले जाते हैं जहां उनसे बिना मजदूरी दिए जबरन काम कराया जाता है। ऐसे ही गिरोह के शिकार बने थे टुंडी और बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन मजदूर। वहां से किसी तरह भागकर मंगलवार को वे धनबाद पहुंचे। उन्होंने स्थानीय अदालत में वकील संतोष कुमार के जरिए अपनी लड़ाई शुरू की। धनबाद में इस गिरोह का मुख्य एजेंट भूली ओपी क्षेत्र का शमशेर नगर निवासी मिनहाज आलम है। उसका लोकल एजेंट टुंडी थाना क्षेत्र का ओझाडीह कटनिया निवासी परितोष ओझा है। उसने ही मजदूरों को मिनहाज से मिलवाया। मिनहाज ने कहा कि एसीसीएल लिमिटेड नंबर 44, पिल्लई नगर व अन्ना नगर चेन्नई में सभी को नौकरी दिलायी जाएगी। वहां उन्हें साढ़े छह हजार रुपया मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा आवास और भोजन की सुविधा होगी। इस भरोसे पर डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर उसके साथ चेन्नई चले गए। 15-20 दिन तक वहां उन्हें खाने-पीने की सुविधा दी गयी। इसके बाद उनपर शुरू हुआ दमन चक्र। बीमार पड़ने पर भी उनसे जबरन काम कराया गया। दो महीने तक वेतन मद में फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। तीन महीने तक काम करने के बाद उन्हें अहसास हो गया कि वे ठगी के शिकार हुए हैं। वहां से किसी तरह भागकर सभी धनबाद लौटे। घर लौटे मजदूर : विनोद रजवार, धनेश्वर किस्कू, फूलचंद राय, जनेश्वर रजवार, सुखदेव रजवार, पांचू राय, जीतन राय, शंकर राय, काशीनाथ मुर्मू, हगनू राय, सुनील मुर्मू, हेमंत हाजरा, प्रदीप हाजरा, प्रदीप हाजरा, सुभाष रजवार व अन्य। करेंगे शिकायत : अधिवक्ता संतोष कुमार ने कहा कि मजदूरों की बातों को वह उपायुक्त एवं श्रम विभाग के पास रखेंगे। हर हाल में इस मामले के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करायी जाएगी।

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