Tuesday, July 3, 2012

नई दिल्ली : अगर आमदनी सालाना दस लाख रुपये से ज्यादा है तो 2011-12 के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से आयकर रिटर्न फाइल करना जरूरी होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि आकलन वर्ष 2012-13 से उन सभी व्यक्तियों या अविभाजित हिंदू परिवार के लिए रिटर्न की ई-फाइलिंग जरूरी होगी, जिनकी आमदनी दस लाख से ज्यादा है। फिलहाल इन आयकरदाताओं के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की अनिवार्यता नहीं होगी। 2010-11 तक ई-फाइलिंग इनके लिए वैकल्पिक था। वित्त वर्ष 2011-12 में आयकर विभाग को रिकॉर्ड 1.64 करोड़ ई-रिटर्न प्राप्त हुए हैं। अभी 60 लाख की कमाई करने वाले कारोबारी घरानों और 15 लाख कमाने वाले पेशेवरों को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ अपने रिटर्न को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फाइल करना पड़ता है। 31 मार्च, 2012 तक 1,96,84,592 आयकरदाताओं ने ई-फाइलिंग के लिए पंजीकरण कराया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि ई-फाइलिंग आयकर रिटर्न फाइल करने का तेज और आसान तरीका है। इसके अंतर्गत प्रोसेसिंग तेजी से होती है। लिहाजा करदाताओं को अपने रिफंड भी जल्द मिलते हैं। आयकर विभाग इस माध्यम से रिटर्न फाइल करने वालों को रिफंड पर नजर रखने जैसी उन्नत सेवाएं भी मुहैया कराता है।

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