औसतन 16 फीसद बढ़ोतरी, नई दर एक अगस्त से प्रभावी
रांची : महंगाई के इस दौर में राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली दरों में बढ़ोतरी की मार भी झेलनी होगी। राज्य में बिजली की कीमतों में औसतन 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, हालांकि कुटीर ज्योति और कृषि उपभोक्ताओं के लिए 10 प्रतिशत ही बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। बढ़ी हुई दरों से बिजली बोर्ड को 446.30 करोड़ सालाना आमदनी की बात कही जा रही है। नई दरें एक अगस्त 2012 से प्रभावी मानी जाएंगी। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष मुखत्यार सिंह ने राज्य बिजली बोर्ड द्वारा 36 प्रतिशत वृद्धि की मांग के सापेक्ष 16 प्रतिशत ही वृद्धि की स्वीकृति गुरुवार को दी। नियामक आयोग के अध्यक्ष ने बिजली दरों में वृद्धि के कारण भी गिनाए। कहा कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में कोयले की कीमतों में सात प्रतिशत, फर्नेस तेल की कीमत में 16, बिजली खरीद में 39 फीसद, कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में 77 प्रतिशत और महंगाई में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस लिहाज से वृद्धि आवश्यक थी।संचरण एवं वितरण प्रणाली दुरुस्त करे बोर्ड >>2 नोट : डीएस-1, डीएस-2 और डीएस-3 घरेलू उपभोक्ताओं के विभिन्न श्रेणियां हैं। डीएस-2 चार केवी तक व डीएस-3 चार केवी से ऊपर की श्रेणी है। सिंचाई और कृषि आइएएस-1 .55 .60 आइएएस-2 .85 1.00 बढ़ी बिजली दरें (डीएस-1) उपभोक्ता श्रेणी मौजूदा दर स्वीकृत दरें कुटीर ज्योति (0-50) 1.10 1.20 कुटीर ज्योति (50-100) 1.10 1.20 घरेलू (0-200) 1.25 1.40 घरेलू (200 से अधिक) 1.25 1.50 (डीएस-2) 0-200 1.90 2.40 200 से अधिक 2.40 2.90 डीएस-3 2.40 3.00 डीएस एचटी 2.00 2.60 गैर घरेलू 0-100 (2 केवी से कम) 1.50 1.75 100 से अधिक (2 केवी से ज्यादा) 1.50 1.75
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