Wednesday, August 1, 2012

बिजली फेल, थमी रेल

झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित 19 राज्यों में बत्ती गुल, उत्तरी के साथ पूर्वी व उत्तर-पूर्वी ग्रिड ठप

नई दिल्ली : एक दिन पहले का झटका लोग भूले भी नहीं थे कि 24 घंटे के भीतर दूसरी बार उनका सामना बिजली संकट से हो गया। इस बार उत्तरी ग्रिड के साथ पूर्वी व उत्तर-पूर्वी ग्रिड भी फेल हो गए। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम समेत 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों दिल्ली और चंडीगढ़ में शाम से लेकर देर शाम और कहीं-कहीं देर रात तक बिजली गुल रही। इससे देश की 60 करोड़ आबादी का जनजीवन ठहर सा गया। दिल्ली मेट्रो के अलावा भारतीय रेलवे की लंबी दूरी की बिजली से चलने वाली सैकड़ों ट्रेनें जहां की तहां खड़ी हो गई। इस बार की गड़बड़ी के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को जिम्मेदार बताया जा रहा है, जिन्होंने उत्तरी ग्रिड में अपने कोटे से बहुत ज्यादा बिजली घसीट ली। पहली बार पैदा हुए इस तरह के हालात में पूरा केंद्रीय तंत्र बदहवास नजर आया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे व उनका अमला काफी देर तक बगलें झांकता दिखा। बाद में सबने संकट का ठीकरा राज्यों पर फोड़कर पल्ला झाड़ लिया। कोई यह बताने की स्थिति में नहीं था कि आखिर ग्रिडों को राज्यों की मनमर्जी पर कैसे और क्यों छोड़ दिया गया है और इन पर समय रहते लगाम लगाने का तंत्र आखिर क्यों गायब है। दोपहर से शाम तक दिल्ली व अन्य महानगरों में ट्रैफिक लाइटें गुल होने से यातायात के हालात एकदम बिगड़े रहे। मेट्रो तथा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में फंसे यात्रियों की हालत खस्ता रही। गाजियाबाद से मुगलसराय के बीच सवा सौ ट्रेनें घंटों रुकी रहीं। दिल्ली से गुवाहाटी, हावड़ा, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, अमृतसर, मुंबई, लखनऊ के बीच सैकड़ों ट्रेनें लेट हो गई। दिल्ली में मेट्रो रेल प्रबंधन ने यात्रियों को बीच में ही उतार कर उनके पैसे वापस किए। केंद्र व तमाम राज्यों में सरकारी व निजी दफ्तरों, अस्पतालों व कारखानों में शुरू में पावर बैकअप से काम चलाने की कोशिश की गई। अनेक जगहों पर कर्मचारियों को समय से पहले छुट्टी दे दी गई। जिन पेट्रोल पंपों के पास बैकअप था वे तो चलते रहे, बाकियों ने बंदी की तख्तियां टांग दीं। इस दौरान एटीएम बंद होने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सोमवार को जहां 15 घंटे में तकरीबन 35 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे, वहीं मंगलवार के महा विद्युत संकट ने देश की आधी आबादी को अपनी चपेट में ले लिया।

No comments:

Post a Comment

<iframe style="width:120px;height:240px;" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no" frameb...