Tuesday, July 24, 2012

अब भी गुस्से में शरद पवार

प्रधानमंत्री के भोज का राकांपा ने किया बहिष्कार

नई दिल्ली : राकांपा के संप्रग में रहने या न रहने का फैसला अगले एक-दो दिन के लिए टल गया है, लेकिन गठबंधन से संकट के बादल अभी छंटे नहीं है। सोमवार को हुई राकांपा की बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ। हालांकि शरद पवार का गुस्सा बरकरार है। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की विदाई के मौके पर प्रधानमंत्री की तरफ से आयोजित भोज का पवार व उनकी टीम ने बहिष्कार किया। राकांपा के मंत्रियों ने अपनी सरकारी गाड़ी भी मंत्रालयों को वापस कर दी है और सोमवार को सवेरे राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर प्रणब मुखर्जी को बधाई देने भी अपनी निजी कार से गए। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और राकांपा के बीच संकट के समाधान पर बातचीत जारी है। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने मसले का हल निकलने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि गठबंधन में ऐसी बातें होती रहती हैं। आम तौर से ऐसी बातों का हल बातचीत से निकल आता है। सूत्रों के मुताबिक, विवाद की असली जड़ महाराष्ट्र से जुड़े विषय और कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी है। खास तौर से राकांपा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज च ाण से बेहद नाराज हैं। उन सब विषयों पर कांग्रेस-राकांपा के बीच परदे के पीछे से वार्ता जारी है। इस बातचीत का ही नतीजा था कि सोमवार को राकांपा ने दिल्ली में हुई अपनी निर्णायक बैठक का फैसला टाल दिया है। इसके साथ ही विवाद का पूरा केंद्र दिल्ली के बजाय महाराष्ट्र स्थानांतरित हो गया है। अब मंगलवार को राकांपा की बैठक पुणे में होगी और बुधवार तक वह अपना फैसला सुना सकती है। सोमवार की बैठक के बाद राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एक-दो दिन में आखिरी फैसला हो जाएगा। अंतिम फैसले से पहले राकांपा महाराष्ट्र के नेताओं के साथ एक और बैठक करेगी। पटेल इस सवाल से कन्नी काट गए कि वे संप्रग सरकार में शामिल हैं या बाहर से समर्थन दे रहे हैं। पटेल ने कहा कि हम संप्रग के सहयोगी हैं और 2014 तक साथ रहेंगे। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के साथ रहेंगे। हालांकि, किस स्वरूप में रहेंगे यानी बाहर से समर्थन देंगे या सरकार में शामिल रहेंगे, इस पर अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर राकांपा को बदनाम करने का आरोप लगाया। साथ ही कांग्रेस आलाकमान से नेताओं की बयानबाजी पर रोक लगाने की अपील भी की। जब पटेल से निजी गाड़ी में प्रणब से मिलने जाने और प्रधानमंत्री के भोज में नहीं जाने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये हमारा फैसला है। जब तक हम काम नहीं करेंगे, तब तक हम सरकारी साधनों का इस्तेमाल नहीं करेंगे और न ही किसी सरकारी कार्यक्रम में शरीक होंगे। अगाथा पर बढ़ा रहस्य : राष्ट्रपति चुनाव में राकांपा से अलग होकर प्रणब मुखर्जी के खिलाफ उतरने लड़ने वाले पीए संगमा की बेटी और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री अगाथा संगमा के भविष्य पर रहस्य बढ़ गया है। वह राकांपा कोटे से ही मंत्री हैं, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि अगाथा ने पवार को इस्तीफा सौंप दिया है। उन्हें दफ्तर नहीं जाने और संसद की कार्यवाही से भी दूर रहने के लिए कहा गया है। अगाथा ने भी पवार को भरोसा दिया है कि वह पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगी।

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