Saturday, July 28, 2012

काउंसिल की टीम के समक्ष चुनाव का दबाव

धनबाद : अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष के इस्तीफे से धनबाद बार एसोसिएशन में पैदा हुई संवैधानिक संकट की जानकारी लेने झारखंड बार काउंसलिंग की टीम शुक्रवार को धनबाद पहुंची और सभी पक्षों का राय सुना। टीम के सदस्य के रुप में बालेश्र्वर सिंह एवं परमेश्र्वर मंडल पहुंचे थे। इस दौरान आम अधिवक्ताओं ने पूरी कमेटी को भंग कर चुनाव कराने का दबाव बनाया। वहीं अध्यक्ष समर श्रीवास्तव, महासचिव हृदय रंजन पांडेय उर्फ बबलू पांडेय एवं कोषाध्यक्ष हरि अग्रवाल ने इस्तीफा वापस लेने से इनकार कर दिया। जबकि इन तीनों को छोड़कर पूरी कमेटी ने चुनाव कराने का विरोध किया। उनका कहना था कि वे दो वर्षो के लिए चुने गए हैं। ऐसे में उन्हें बताया जाए कि किस आरोप में उन्हें हटाया जाएगा। अपने फैसले पर अडिग बबलू पांडेय टीम के समक्ष सबसे पहले हृदय रंजन पांडेय उर्फ बबलू पांडेय पहुंचे और अपने इस्तीफे के कारणों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे अपने फैसले पर अडिग हैं। कोषाध्यक्ष एचएन अग्रवाल ने भी कहा कि वे इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। यहां काम करने की स्थिति नहीं है। संकट का कैसे होगा निदान समर बाबू बालेश्र्वर सिंह एवं परमेश्र्वर मंडल ने शाम पांच बजे जया कुमार के चैम्बर में समर श्रीवास्तव से बातचीत कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। समर ने इस्तीफे के कारणों के बारे में बताया। इस पर बालेश्र्वर सिंह ने उनसे पूछा कि आखिर संकट का निदान कैसे होगा? इस मौके पर कई अधिवक्ता भी मौजूद थे। स्थिति गंभीर, तुंरत करना होगा हस्तक्षेप : सभी पक्षों से मिलने के बाद बालेश्र्वर सिंह ने जागरण को बताया कि धनबाद बार की स्थिति गंभीर है। इस कारण वे अपनी रिपोर्ट में काउंसिल के अध्यक्ष से तुरंत हस्तक्षेप करने की अनुशंसा करेंगे।

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