Wednesday, July 11, 2012

अतिक्रमण पर कोर्ट सख्त

लोक-उपक्रमों में कार्रवाई नहीं हुई तो तलब होंगे एमडी व गृह सचिव

रांची : हाई कोर्ट ने लोक-उपक्रमों की परिसंपत्तियों से अतिक्रमण हटाने की धीमी गति पर सख्ती दिखाते हुए कहा है कि यदि गंभीरता से काम नहीं किया गया तो संबंधित कंपनियों के प्रबंध निदेशक (एमडी) और राज्य के गृह सचिव को तलब किया जाएगा। लोक-उपक्रमों में अतिक्रमण मामले की सुनवाई करते मुख्य न्यायाधीश प्रकाश टाटिया और न्यायमूर्ति जया राय की खंडपीठ ने मंगलवार को उक्त टिप्पणी की। हाई कोर्ट ने सीबीआइ से भी प्रगति रिपोर्ट दायर करने को कहा है। साथ ही बीएसएल, सीसीएल, बीसीसीएल और एचईसी को सीएजी की रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि अब तक सीसीएल के 14,078 क्वार्टरों के विरुद्ध मात्र 1512 और उसके 6860 प्लॉटों के विरुद्ध 57 अतिक्रमण मुक्त कराए गए हैं। बीसीसीएल के मामले में मई तक कुल 12052 क्वार्टरों में से 1105 जबकि प्लॉट के मामले में 17266 के विरुद्ध मात्र 254 को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सेल की इकाई बीएसएल के बारे में पक्ष रखते हुए अपर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि 2119 क्वार्टरों के विरुद्ध 1874 अतिक्रमण खाली करा लिया गया है, बाकी भी शीघ्र ही खाली करा लिया जाएगा। अदालत ने इसे प्रशंसनीय बताया। सीसीएल और बीसीसीएल की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि खाली कराने का आदेश पारित किया जा चुका है लेकिन राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने के कारण ही अब तक सारे अतिक्रमण नहीं हटाए जा सके हैं। विदित हो कि हाई कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टो पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील किया था और पूरे मामले की सीबीआइ जांच का आदेश दिया था। अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।

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