Monday, July 2, 2012

कोल परिवहन की आड़ में तस्करी

गोविंदपुर/कतरास : बीसीसीएल के कोयले के परिवहन की आड़ में बड़े पैमाने पर हो रही तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। इस गोरखधंधे में बीसीसीएल अधिकारी, सीआइएसएफ, कंपनी के ट्रांसपोर्टर व कोयला तस्करों का सिंडिकेट शामिल था। तीन डंपरों में लदे कंपनी के कोयले को निर्धारित जगह मुनीडीह वाशरी न गिराकर फर्जी कागजात पर गोविंदपुर के पास निजी भट्ठे में गिराया जा रहा था। सिंडिकेट की सेटिंग इतनी तगड़ी थी कि वाशरी के चेकपोस्ट में इस कोयले का आमद बाकायदा दर्ज हो जाता था। परिवहन का जिम्मा सुशील एंड कंपनी को मिला हुआ था। तीनों डंपर 30 जून की शाम 4 से 7 बजे के बीच गजलीटांड़ से निकले थे। ऐसे पकड़ाया गोरखधंधा : एसपी आरके धान को सूचना मिली कि गोविंदपुर-टुंडी रोड स्थित आदित्य इंटरप्राइजेज भट्ठे में अवैध कोयला को ठिकाने लगाया जा रहा है। उन्होंने गोविंदपुर थाना प्रभारी को मौके पर भेजा। सूचना सही निकली और वहां तीन डंपर जेएच10एम-2790, जेएच10एम-6540 व जेएच10वाई-8190 पर करीब 45 टन कोयला लोड मिला। कोयले को मां काली पोड़ा उद्योग दुग्दा के फर्जी कागजात पर भेजा गया था, लेकिन थानेदार सैमुअल लिंडा ने जब चालक से पूछताछ की तो पता चला कि सभी डंपर गजलीटांड़ कोलियरी से मुनीडीह कोल वाशरी के लिए निकले थे। कपुरिया के एक पेट्रोल के पास तीनों ट्रकों के चालकों को फर्जी कागजात देकर गोविंदपुर भेज दिया गया। डंपर पहुंचे बिना वाशरी रजिस्टर में दर्ज : जांच के दौरान पुलिस दोनों जगह दुग्दा व मुनीडीह वाशरी पर गई। मां काली पोड़ा उद्योग दुग्दा के गार्ड व अन्य कर्मी ने 30 जून को इस कोयले को भेजे जाने से ही इन्कार किया। वहीं, कोयला लोड तीनों डंपरों को मुनीडीह चेकपोस्ट पर इन और आउट रजिस्टर में दर्ज देखकर पुलिस चौंक गई, क्योंकि तीनों डंपर यहां आए ही नहीं थे।

गंभीर मामला, जांच शुरू : सीएमडी धनबाद : बीसीसीएल के सीएमडी टीके लाहिड़ी ने गजलीटांड़ से कंपनी का कोयला टपाने के मामले को काफी गंभीर बताते हुए जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर, सुरक्षा बल व कोलियरी अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का गोरखधंधा संभव नहीं है। पुलिस व सीआइएसएफ के डीआइजी मामले की जांच तो कर ही रहे हैं, उन्होंने तकनीकी निदेशक (प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग) अशोक सरकार को भी जांच करने का आदेश दिया है। जांच के नतीजे के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कंपनी अपने स्तर पर भी एफआइआर दर्ज कर रही है। यही नहीं उन्होंने कोलियरियों में परिवहन कार्यो में लगी सोसाइटी को भी हटाने के लिए कहा है। वहीं, तकनीकी निदेशक ए सरकार ने बताया कि जांच शुरू हो चुकी है। ट्रांसपोर्टर को शीघ्र ही ब्लैकलिस्टेड किया जा सकता है। कोलकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।

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