Thursday, August 2, 2012

मंत्रालय व कोल इंडिया के खिलाफ हाईकोर्ट में मुकदमा

धनबाद : सरकार के बाद कोल इंडिया की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर द चिल्ड्रेन इन्वेस्टमेंट फंड(टीसीआइ) ने कोल मंत्रालय व कोल इंडिया के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा ठोक दिया है। टीसीआइ बहुत पहले से ही इसकी धमकी देती आ रही थी। उसकी मांग है कि कोयले की कीमत बढ़ाने के बाद कोयला मंत्रालय के निर्देश पर इसे घटाने का दिया गया आदेश निरस्त किया जाय। क्योंकि इससे जहां एक ओर कोल इंडिया को नुकसान हुआ है वहीं कारपोरेट गवर्नेस की बात बेमानी साबित होती है। कोल इंडिया में अंतर्राष्ट्रीय जीसीवी मूल्य प्रणाली अपनाने के बाद कई ग्रेडों के कोयले के दाम बढ़े थे। मगर कोल सचिव के के आदेश से बाद में इसे कम कर दिया गया। मूल्य एकीकरण को राजी, शेयर भाव गिरे धनबाद : जानकार सूत्रों के अनुसार मंगलवार को कोलकाता में हुई बैठक में कोल इंडिया बोर्ड ने देशी व विदेशी कोयले का मूल्य एकीकरण कर पावर प्लांटों को कोयला देने को राजी हो गई है। इससे जहां विदेशी कोयला सस्ता पड़ेगा वहीं देशी कोयले की कीमत बढ़ेगी। बोर्ड ने प्लांटों को उसकी जरूरत का कम से कम 80 फीसद कोयला आपूर्ति के प्रस्ताव को भी सहमति दी है। इसके तहत 65 फीसद कोयला देशी होगा जबकि 15 फीसद कोयला कोल इंडिया आयात कर देगी। उसे इस साल करीब 20 मिलियन टन कोयला आयात करना होगा। कोल इंडिया के इस निर्णय पर शेयर बाजार बाजार में विपरीत प्रतिक्रिया हुई है। इसके भाव गिरे गए हैं। कई लोगों का मानना है कि आयात की अतिरिक्त जिम्मेवारी लेना कंपनी के हित के खिलाफ होगा। बताते हैं कोयला आपूर्ति करार में दंड के प्रावधान पर बोर्ड के सदस्यों में मतैक्य नहीं हो पाया है।

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