किसानों को डीजल पर 50 फीसद सब्सिडी
नई दिल्ली : देश के सवा तीन सौ जिलों में पड़े सूखे से निपटने की तैयारी में सरकार जुट गई है। पेयजल और चारे की आपूर्ति उसकी पहली प्राथमिकता है। खेतों में खड़ी खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को डीजल पर 50 फीसद की सब्सिडी देने की घोषणा की है। सूखाग्रस्त राज्यों को राहत के तौर पर लगभग दो हजार करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की गई है। यह फैसला मंत्रियों के अधिकारप्राप्त समूह (ईजीओएम) की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। इस बैठक में 68 फीसद कम बारिश से जूझ रहे हरियाणा और पंजाब को उनकी बिजली की मांग पर कोई फैसला नहीं किया जा सका। सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी देने आए कृषि मंत्री शरद पवार ने इस बारे में बताया कि इन राज्यों की मांगों पर ईजीओएम की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। ईजीओएम ने जल संरक्षण प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 1,440 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके तहत कर्नाटक को 195 करोड़, महाराष्ट्र को 501 करोड़, राजस्थान को 424 करोड़ और गुजरात को 320 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। डीजल सब्सिडी के तौर पर 50 फीसद की छूट देने का एलान किया गया। पवार ने कहा कि इस सब्सिडी का बोझ केंद्र व राज्य बराबर-बराबर उठाएंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत 453 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसका लाभ महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और हरियाणा को दिया गया। विभिन्न फसलों की दुबारा बुवाई के लिए बीजों पर भी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। पवार ने बताया कि सभी राज्यों को पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध करा दिया गया है। चारे के बढ़ते मूल्य पर काबू पाने के लिए सरकार ने पशुचारे में उपयोग होने वाले खल के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया है। चारे के लिए 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद देने का निर्णय किया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश के लगभग 400 जिलों में औसत से कम बारिश हो रही है। सबसे कम बारिश हरियाणा और पंजाब में हुई है। इन दोनों राज्यों में औसत से 68 फीसद कम बरसात हुई है।
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