Sunday, July 29, 2012

तीसरा वनडे : भारत ने श्रीलंका को पांच विकेट से हराया, सीरीज में 2-1 से ली बढ़त

गौतम गंभीर के शतक के बाद सुरेश रैना की तूफानी पारी से भारत ने विषम परिस्थितियों से उबरते हुए तीसरे वनडे क्रिकेट मैच में शनिवार को श्रीलंका को पांच विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। गंभीर ने 102 जबकि रैना ने नाबाद 65 रन की पारी खेली जिससे भारत ने 287 रन के लक्ष्य को दो गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 288 रन बनाकर हासिल कर लिया। रैना ने इरफान पठान (नाबाद 34) के साथ छठे विकेट के लिए सिर्फ 11.1 ओवर में 92 रन की अविजित साझेदारी करके भारत की जीत सुनिश्चित की। रैना ने 19 रन के निजी स्कोर पर मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए 45 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा।इससे पहले श्रीलंका ने कुमार संगकारा (73), एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 71) और महेला जयवर्धने (65) के अर्धशतकों की मदद से पांच विकेट पर 286 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। भारत ने बल्लेबाजी पावर प्ले के पांच ओवर में 29 रन जोड़कर तीन विकेट गंवाए जिससे वह एक समय मुश्किल में घिर गया था और उसे अंतिम 11 ओवर में 87 रन की दरकार थी लेकिन रैना और पठान ने इस लक्ष्य को आसान कर दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और उसने दूसरे ओवर में भी सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (3) का विकेट गंवा दिया जो तिषारा परेरा की गेंद पर करारा प्रहार करने की कोशिश में कवर में स्थानापन्न खिलाड़ी सचित्र सेनानायके को कैच दे बैठे। गंभीर और विराट कोहली (38) ने इसके बाद 19.1 ओवर में 105 रन जोड़ी पारी को संभाला। गंभीर शुरू से ही शानदार लय में दिखे लेकिन कोहली को खुलकर खेलने में दिक्कत हुई।




गंभीर ने लसिथ मलिंगा के पहले दो ओवर में तीन चौकों के साथ अपने तेवर दिखाए। उन्होंने कोहली के साथ मिलकर 17.4 ओवर में टीम के रनों का सैकड़ा पूरा किया। कोहली हालांकि इसके बाद ज्यादा देर नहीं टिक पाए। वह रंगना हेराथ की शार्ट गेंद को बैकफुट पर जाकर खेलने की कोशिश में इसी स्पिनर को कैच दे बैठे। उन्होंने 65 गेंद की पारी में दो चौके मारे।

इससे पहले गंभीर ने हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ सिर्फ 43 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। कोहली की जगह क्रीज पर उतरे कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (31) ने गंभीर का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े। दोनों ने भारत का स्कोर 35 ओवर में दो विकेट पर 180 रन तक पहुंचाकर टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। धौनी ने इस बीच 36वें ओवर में अनिवार्य बल्लेबाजी पावर प्ले लिया जो भारत के लिए अच्छा नहीं रहा। मलिंगा ने पावर प्ले की पहली ही गेंद पर अपनी घातक यार्कर से धौनी के स्टंप उखाड़ दिए जबकि अगली ही गेंद पर उन्होंने खराब फार्म से जूझ रहे रोहित शर्मा (0) को पगबाधा आउट करके भारत को चौथा झटका दिया। गंभीर ने मैथ्यूज की गेंद को बैकवर्ड प्वाइंट पर एक रन के लिए खेलकर सिर्फ 96 गेंद में अपने कैरियर का 11वां वनडे शतक पूरा किया। वह हालांकि मैथ्यूज के अगले ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में पवेलियन लौट गए। उन्होंने गेंद को मिड आन पर खेला और तेज रन के लिए दौड़ पड़े लेकिन उनके क्रीज पर पहुंचने से पहले की इसुरू उदाना ने उनके स्टंप उखाड़ दिए। भारत को अंतिम 11 ओवर में 87 रन की दरकार थी और ऐसे में रैना ने पठान के साथ मिलकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिला दी। रैना 19 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब सेनानायके ने मैथ्यूज की गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया।

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